बिहार में अब आम लोग सीधे चुनेंगे मेयर और डिप्टी मेयर, जानें क्या होगी नई व्यवस्था

बिहार के मुजफ्फरपुर और पटना समेत राज्य के 19 नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव अब वार्ड पार्षदों के बदले सीधे आम लोग (मतदाता) करेंगे। इसके अलावा राज्य भर के 263 नगर निकायों के सभापति और उपसभापति का चुनाव भी सीधे आम लोग (मतदाता) हीं करेंगे।

इसके लिए राजभवन ने नगरपालिका एक्ट में संशोधन का अध्यादेश विधि विभाग काे भेज दिया है। राज्यपाल के अध्यादेश के बाद विधि विभाग की कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही नगरपालिका एक्ट नए संशोधन के साथ लागु हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र समाप्त हाेने के कारण राज्य सरकार काे एक्ट संशोधन में तकनीकी दिक्कत आ रही थी। इसलिए राजभवन के अध्यादेश का संवैधानिक विकल्प चुना गया।

अध्यादेश के द्वारा बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 23 व 25 में संशोधन किया गया है। दोनों ही धाराएं क्रमश: मुख्य पार्षद यानी मेयर और उप मुख्य पार्षद यानी डिप्टी मेयर के चुनाव और दोनों ही के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से संबंधित हैं।

धारा 23 (1) क्या है?
पार्षद अपनी पहली बैठक में बहुमत से मेयर व डिप्टी मेयर को चुनेंगे। अब संशोधन के साथ 23 (1) – संबंधित नगर पालिका क्षेत्र के मतदाता सूची में दर्ज वोटर प्रत्यक्ष रूप से मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव कर सकेंगे। जबकि, धारा 24 के तहत उन्हें पर और गोपनीयता की पूर्ण शपथ दिलाई जाएगी।

धारा (25) क्या है ?
मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ एक तिहाई पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। अब संशोधन के बाद धारा ( 25) मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद को अविश्वास प्रस्ताव के द्वारा नहीं हटाया जा सकेगा। इनके त्यागपत्र देने, मृत्यु होने अथवा किसी आपराधिक मामले में 6 माह तक फरार रहने की स्थिति में मेयर व डिप्टी मेयर को हटाया जा सकेगा।

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इस संसोधित नगरपालिका एक्ट के लागू हो जाने के बाद नगर निगमों एवं नगर निकायों को उठापटक की राजनीती से राहत मिलेगा।